अब अनीता को दीपक के साथ देखे हुए सभी अनगिनत सपनेत्रटूटते नजर आरहे थे। क्यौकि दीपक हर रोज झूठ बोलकर देर से आरहा था।
अदीपक की प्रतीक्षा करते हुए सोच रही थी कि अब दीपक पहले वाला दीपक नहीं रहा है । आजकल वह हर रोज देर से आता है। जबभी उसको फौन करके पूछती तब एक ही उत्तर होता है कि आजकल काम बहुत ज्यादा है।
अनीता को उसकी हरबात में झूँठ नजर आने लगा था। आज भी जब उसने फौन करके पूछा," दीपक कब आरहे हो।?"
"क्या बताऊँ अनु आजकल बौस ने बहुत काम दे दिया है।यह पूरा लेने का नाम ही लेरहा है ।और यह सब काम पहली तारीख से पहले पूरा करना है बरना प्रमोशन रुक जायेगा।" दीपक अनीता से झूँठ बोलता हुआ बोला।
रूबिया दीपक की गोद में सिर रखकर लेटी हुई थी। वह दीपक के झूँठ पर हसने लगी और सोचने लगीकि मर्दौ को भी झूँठ बोलने की कितनी आदत है।
रूबिया की हसी की आवाज फौन में साफ जारही थी। यह आवाज अनीतख ने सुनली और वह बोली," कोई बात नही अपना काम पूरा करो और कौन है आफिस में।"
दीपक बोला,और कोई नही है आज मै अकेला ही हूँ.। दीपक ने एक और झूठ बोला।
अनीता आज दीपक का झूठ पकड़ना चाहती थी। और उसने दीपक के आफिस जाकर उसका झूँठ पकड़ने का प्रोग्राम बना लिया।
और अनीता ने टैक्सी मँगवाली और वह दीपक के आफिस पहुँच गयी।
अनीता ने जब देखा कि आफिस तो बन्द है।केवल एक गार्ड बैठा है। अनीता ने गार्ड पूछा ," अंकल आपका आफिस कब बन्द हुआ है।"
मैडम आफिस तो हर रोज छः बजे बन्द हो जाता है। आपको क्या काम है? " गार्ड ने पूछा।
अनीता आज अपने को ठगी हुई महसूस कर रही थी क्यौकि दीपक पिछले एक महीने से हर रोज लेट आरहा है वह उसको जब भी पूछती वह यही कहता था कि आफिस में हूँ।
आज दीपक का झूँठ पकडा़ जा चुका था। अनीता ने गार्ड को पूछा," अंकल आप दीपक को जानते हो।?"
गार्ड मुस्कराता हुआ बोला " मैडमजी दीपक सर को कौन नहीं जानता है उनकी रूबिया मैडम के साथ शादी हौने वाली है।आज भी वह उनके साथ सनराइज होटल में गये है।"
अनीता को तो गार्ड की बात सुनकर बहुत गुस्सा आरहा था परन्तु वह चुपरही और अब आज दीपक को रंगे हाथ पकड़ना चाहती थी।
अनीता को आज अपने परिवार की बातै याद आरही थी । क्यौकि उसके घर के सभी लोग उसके लिव इन रिलेशन से नाराज थे ।आज वह अपने को ठगी हुई महसूस कर रही थी। उसने दीपक के साथ अनगिनत सपने देखे थे। आज वह सब सपने रेत की दीवार की तरह धहते नजर आरहे थे।
अनीता की मम्मी को जब उसने अपने इस आधुनिक रिशते के बारे में बताया था तब उसकी मम्मी ने इसके लिए बहुत मना किया था और कहा था कि अनीता तुझे एक दिन मेरी बात याद अवश्य आयेगी अब भी सोचले तू दीपक के साथ शादी करके घर बसाले हमें कोघ एतराज नही है।
परन्तु अनीता पर तो दीपक का जादू ऐसा चलगया था कि वह किसी की बात सुनने को तैयार नही थी।
अनीता सोचती हुई होटल पहुँच गयी जब टैक्सी ड्राइबर बोला," मैडम होटल सनराईज आगया तब अनीता की तन्द्रा दूर हुई और वह होटल मे पहुँच कर दीपक व रूबिया को खोजने लगी।
अनीता की नजर एक कौने में बैठै हुए कपल पर गयी जो एक दूसरे के गले में हाथ डाल कर बैठे थे। परन्तु वह कोई और निकले।
पुनः उसने चारौ तरफ नजर दौडा़ई तब उसे एक टेबल पर दीपक बैठा हुआ दिखाई दिया।
अनीता शेरनी की तरह तेज रफ्तार से वहाँ पहुँच गयी।अचानक अनीता को अपने सामने खडी़ देखकर उसको पसीना आगया और वह इस तरह काँपने लगा जैसे उसको ऊपर हजार वोल्ट का करन्ठ छोड़दिया हो।
अनीता ने दीपक की शर्ट का कालर पकड़ लिया और बोली "तो यह ओबर टाईम होरहा साहब का। एक महीने से यहाँ पर ओबर टाइम होता है। बहुत खूब दीपक तभी तो साहब थकजाते है और घर जाकर सोजाते है। अभी कितना काम बाकी है। कहाँतक पहुँच गया है काम? तो साहब की प्रमोशन कब होरही है। लगे रहो तुम्है किसने रोका था दीपक कमसे कम मुझे एक बार बतातो देते मझ भी तो अपने लिए कुछ सोचती।" इतना कहकर अनीता होटल से बाह आगयी।
अनीता बापिस टैक्सी में बैठ गयी और टैक्सी ड्राईबर को बापिस चलने को बोल दिया। अनीता कमरे पर पहुँचकर अपना सामान इकट्ठा करके अपने सूटकेस में रखने लगी। अनीता जब सूटकेस लेकर कमरे से बाहर निकलने वाली थी उसी समय वहाँ दीपक पहुँच गया।
दीपक उसका रास्ता रोकता हुआ बोला," आई एम साँरी अनू मै तुम्है रूबिया के बारे सब बताना चाहता था परन्तु बताने का मौका ही नही मिला।
अनीता बहुत गुस्से में थी। उसने दीपक के गाल पर जोरदार थप्पड मारा और बोली," मिस्टर तुम्है किसी के साथ लुका छिपी का खेल खेलते हुए शर्म आनी चाहिए। तुम जैसौ के कारण ही सब बदनाम है। मुझे तुम से कोई शिकायत नही है गलती तो मेरी ही थी कि जिन मा बाप ने बचपन से पालकर बडा़ किया उनकी बात नही मानी और तुम्हारी बातौ में आकर अनगिनत सपने देखने लगी। तुम जैसे लुटेरौ तो यह खेल खेलते आये है भूल मेरी थी जो मै तुम्है पहचान न सकी। अब मेरा रास्ता रोकने की कोशिश मत करना मैने तुम्हारे साथ बिताये गये चन्द पलौ की यादें डिलेट करदी है। आज के बाद मुझसे बात करने की कोशिश मत करना।
मिस्टर एक बात और याद रखना जो भी कोई मेरा फोटो अथवा वीडियो तुम्हारे पास है उसे डिलिट कर देना अन्यथा समझ लेना कि जब औरत अपनी सी पर आजाती है तब उसे बनाने वाला ईश्वर भी उससे डर जाता है।तुमने साबित्री की कथा तो पढी। होगी वह अपने पति के लिए यमराज से भी लड़ गयी थी। द्रोपदी का नाम तो सुना होगा। उसने कौरवौ का वंश ही समाप्त करवा दिया था।।
इतना कहकर अनीता बाहर खडी़ टैक्सी में बैठकर अपने मम्मी पापा के पास चलीगयी। और उसने उनकी पसन्द से ही शादी करके अपना घर बसालिया।ओ
Naresh Sharma "Pachauri"
06-May-2022 02:01 PM
सभी साथियौ का बहुत बहुत धन्यवादजी
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Reyaan
06-May-2022 11:40 AM
👌👏🙏🏻
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Shrishti pandey
06-May-2022 10:26 AM
Very nice
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